रात में दांत पीसना (Teeth Grinding) क्यों होता है और कैसे रोके?

रात में दांत पीसना (Teeth Grinding) क्यों होता है और कैसे रोके?: कई लोग रात में अनजाने में दांत पीसते हैं, जिसे आम भाषा में दांत किटकिटाना या मेडिकल भाषा में ब्रुक्सिज्म (Bruxism) कहा जाता है। शुरुआत में यह सामान्य आदत लग सकती है, लेकिन समय के साथ यह दांतों को नुकसान पहुँचाती है और जबड़े के दर्द, सिरदर्द और नींद की समस्या का कारण भी बन सकती है। इसलिए दांत पीसने की वजह, लक्षण, नुकसान और इलाज समझना बेहद जरूरी है।

रात में दांत पीसना (Teeth Grinding) क्यों होता है और कैसे रोके?
रात में दांत पीसना (Teeth Grinding) क्यों होता है और कैसे रोके?

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे:

  • रात में दांत पीसना क्यों होता है?
  • नींद में दांत पीसना शुभ या अशुभ
  • बच्चों में दांत किटकिटाने के कारण
  • ब्रुक्सिज्म क्या है और इसके लक्षण
  • डॉक्टर इसका निदान कैसे करते हैं?
  • इलाज, व्यायाम, दवाएं, बोटॉक्स
  • कब डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है
  • और अंत में प्रभावी घरेलू उपाय

इन सभी बिंदुओं को आसान भाषा में समझाया गया है ताकि हर कोई इसे आसानी से समझ सके।

रात में दांत पीसना (Teeth Grinding) क्यों होता है?

दांत पीसने के कई कारण हो सकते हैं, और यह व्यक्ति से व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है। इसके मुख्य कारण हैं:

1. तनाव और चिंता

सबसे बड़ा कारण स्ट्रेस (Stress) और एंग्जायटी (Anxiety) है। जब दिमाग तनाव में होता है, तो शरीर अनजाने में जबड़े की मांसपेशियों को टाइट कर लेता है, जिससे दांत आपस में रगड़ते हैं।

2. गलत बाइट (Misaligned Teeth)

अगर दांत टेढ़े-मेढ़े हैं या ऊपरी और निचले दांत ठीक से नहीं मिलते, तो मुँह रात में असामान्य तरीके से हिलता है और दांत पीसने लगता है।

3. नींद संबंधी समस्याएँ

स्लीप डिसऑर्डर जैसे:

  • स्लीप एपनिया
  • खर्राटे
  • नींद टूटना

ये सभी दांत किटकिटाने की संभावना बढ़ाते हैं।

4. दवाओं का असर

कुछ एंटीडिप्रेसेंट या मानसिक दवाएं भी ब्रुक्सिज्म का कारण बन सकती हैं।

5. कैफीन और शराब

बहुत अधिक चाय–कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स या शराब लेने से भी दांत पीसने की समस्या बढ़ जाती है।

6. आदत या जेनेटिक कारण

कई बार यह आदत परिवार से आती है, यानी जेनेटिक भी हो सकती है।

नींद में दांत पीसना शुभ या अशुभ?

कई लोग इसे धार्मिक या पारंपरिक मान्यता से जोड़ते हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से दांत पीसना शुभ या अशुभ कुछ नहीं होता

वास्तव में यह शरीर द्वारा भेजा गया एक संकेत है कि:

  • शरीर तनाव में है,
  • दांतों को नुकसान हो रहा है,
  • या नींद ठीक नहीं आ रही है।

इसलिए इसे अंधविश्वास से जोड़ने के बजाय मेडिकल दृष्टिकोण से समझना जरूरी है।

नींद में दांत किटकिटाना से क्या होता है?

अगर यह समस्या लंबे समय तक चले तो इसके कई नुकसान हो सकते हैं:

  • दांतों का घिसना
  • क्रैक या चिप हो जाना
  • दांतों की संवेदनशीलता बढ़ना
  • जबड़े में दर्द
  • सिरदर्द
  • कान के पास दर्द (TMJ pain)
  • मसूड़ों पर दबाव
  • नींद खराब होना

इसलिए दांत किटकिटाना हल्की समस्या नहीं है, बल्कि इसे समय पर रोकना बहुत जरूरी है।

बच्चे नींद में दांत क्यों पीसते हैं?

बच्चों में दांत किटकिटाना काफी आम है। इसके मुख्य कारण हैं:

  • दूध के दांत गिरना
  • नए दांत निकलना
  • पेट के कीड़े (worms)
  • तनाव या डर
  • सोने की गलत आदतें
  • जकड़े हुए दांत

ज्यादातर मामलों में बच्चे बड़े होने पर खुद ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर दांत घिसने लगें तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

दांत पीसना क्या संकेत है?

रात में दांत पीसना शरीर का संकेत हो सकता है कि:

  • आप मानसिक तनाव में हैं,
  • आपकी नींद पूरी नहीं हो रही,
  • जबड़े की मांसपेशियाँ बहुत स्ट्रॉन्ग या टाइट हैं,
  • दांतों का सेट गड़बड़ है,
  • या आप कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट झेल रहे हैं।

इससे यह भी पता चलता है कि व्यक्ति का nervous system ओवरएक्टिव है।

bruxism क्या है?

ब्रुक्सिज्म एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति अनजाने में दांत भींचता या पीसता है। यह दो तरह का होता है:

  1. नींद में ब्रुक्सिज्म (Sleep Bruxism) – सोते समय दांत पीसना
  2. जागते हुए ब्रुक्सिज्म (Awake Bruxism) – जागते समय दांत भींचना

दोनों ही स्थितियों में दांत और जबड़े पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।

bruxism के लक्षण

इस समस्या के कई संकेत हैं, जैसे:

  • सुबह उठते ही जबड़े में दर्द
  • दांत घिसे हुए दिखना
  • चेहरे की मांसपेशियों में खिंचाव
  • सिरदर्द
  • कान के पास दर्द
  • नींद खराब होना
  • दांतों की आवाज़ से परिवार जाग जाना

अगर इनमें से 3–4 लक्षण मौजूद हों, तो यह निश्चित रूप से ब्रुक्सिज्म का संकेत है।

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डेंटिस्ट के पास जाने से पहले क्या तैयारी करें

डॉक्टर bruxism का निदान कैसे करते हैं?

डेंटिस्ट निम्न तरीकों से इसका पता लगाते हैं:

  • दांतों में घिसाव देखकर
  • एक्स-रे करके
  • मुँह की मांसपेशियों को चेक करके
  • TMJ परीक्षण
  • नींद की रिपोर्ट (sleep study)

कई बार डॉक्टर आपको sleep specialist के पास भी भेज सकते हैं।

bruxism का इलाज कैसे किया जाता है?

इलाज कारण पर निर्भर करता है। मुख्य उपचार हैं:

1. नाइटगार्ड (Night Guard)

डॉक्टर आपके दांतों के हिसाब से एक कस्टम नाइटगार्ड बनाते हैं जिसे रात में पहनने पर दांत नहीं पीसते।

2. मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाएं

हल्की muscle relaxant दवाएं रात में दी जाती हैं ताकि जबड़ा रिलैक्स रहे।

3. तनाव कम करने की थेरेपी

क्योंकि अधिकांश मामलों में तनाव मुख्य कारण है, इसलिए:

  • meditation
  • deep breathing
  • योग
  • counseling

बहुत असरदार होते हैं।

4. दवाएं (Medicines)

कुछ मामलों में डॉक्टर antidepressant या anti-anxiety दवा भी दे सकते हैं।

5. बोटॉक्स इंजेक्शन

गंभीर मामलों में दांत पीसने से रोकने के लिए जबड़े की muscles में Botox लगाया जाता है। इससे मांसपेशियाँ रिलैक्स होती हैं और grinding कम हो जाता है।

6. दांतों की alignment ठीक करना

अगर कारण गलत बाइट है तो:

  • ब्रेसेज़,
  • aligners,
  • या दांतों की शेप सुधारने का ट्रीटमेंट

दिया जाता है।

bruxism व्यायाम (Exercises)

ये व्यायाम मांसपेशियों को Relax करते हैं:

जबड़ा खोलने का व्यायाम

आराम से मुँह खोलें और धीरे-धीरे बंद करें। 10 बार दोहराएँ।

जीभ दबाने का व्यायाम

जीभ को ऊपर की छत पर लगाएँ और मुँह खोलने की कोशिश करें।

गर्दन स्ट्रेच

कंधे और गर्दन की स्ट्रेचिंग से भी जबड़े का तनाव कम होता है।

bruxism में मालिश

जॉइंट और गाल की मांसपेशियों पर हल्की गोलाई में मसाज करें। इससे मांसपेशियाँ ढीली होती हैं और दर्द कम होता है।

दांत पीसने वाले लोगों के लिए भविष्य (Prognosis)

अगर समय पर इलाज कर लिया जाए, तो समस्या पूरी तरह से कंट्रोल हो सकती है। लेकिन अगर इसे अनदेखा किया जाए तो:

  • दांत टूट सकते हैं,
  • महंगा इलाज लग सकता है,
  • और चेहरा भी असंतुलित दिखने लगता है।

इसलिए इसका जल्द इलाज करना ज़रूरी है।

डॉक्टर से कब मिलें?

अगर:

  • दांत घिस रहे हों,
  • जबड़े में रोज दर्द हो,
  • रात में grinding की आवाज़ आए,
  • या सिर दर्द बार–बार होता हो

तो तुरंत डेंटिस्ट के पास जाएँ। देर करना नुकसानदायक हो सकता है।

निष्कर्ष

रात में दांत पीसना एक आम लेकिन गंभीर समस्या है। इसका सही कारण पता लगाकर समय पर इलाज किया जाए तो दांत, जबड़े और नींद — तीनों को बचाया जा सकता है। तनाव कम करें, सही नींद लें और जरूरत पड़े तो नाइटगार्ड का उपयोग करें।

FAQs (सवाल और जवाब)

1. क्या दांत पीसना हमेशा हानिकारक होता है?
हाँ, लंबे समय में यह दांतों को घिसता और नुकसान पहुँचाता है।

2. क्या बच्चे बड़े होने पर दांत पीसना छोड़ देते हैं?
अधिकतर बच्चे उम्र बढ़ने के साथ ठीक हो जाते हैं।

3. क्या तनाव से दांत पीसना बढ़ता है?
हाँ, तनाव इसका मुख्य कारण है।

4. क्या ब्रुक्सिज्म का इलाज संभव है?
हाँ, नाइटगार्ड, दवाओं, योग और बोटॉक्स से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

5. क्या दांत पीसना अशुभ होता है?
नहीं, यह पूरी तरह से मेडिकल समस्या है, शुभ या अशुभ नहीं।

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