मुंहासे और पिंपल्स का घरेलू इलाज:मुंहासे और पिंपल ऐसी आम त्वचा समस्या है जो सिर्फ दिखने मे ख़राब नहीं लगती बल्कि आत्मविस्वाश पर भी असर डालती है
आजकल हर आयु वर्ग के लोग इससे परेशान है | लेकिन खासकर किशोरावस्था और युवाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। बाजार में इसके लिए कई महंगे प्रोडक्ट्स और दवाइयाँ उपलब्ध हैं, लेकिन अक्सर इनसे साइड इफेक्ट भी होते हैं।
ऐसे में लोग सबसे पहले घरेलु नुस्खे आजमाना पसंद करते है | क्योकि ये सुरक्षित होते है | और लंबे समय तक असर दिखाते है |

इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि मुंहासे और पिंपल्स के पीछे क्या कारण हैं, और कौन-कौन से घरेलू उपाय इन्हें ठीक करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही हम यह भी देखेंगे कि किन आदतों को अपनाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
क्या होते हैं (What is Pimple)
हमारे शरीर में वात-पित्त-कफ दोष उपस्थित होते हैं। जिनके असंतुलित होने पर शरीर में कई प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं। इसी प्रकार मुँहासों में मुख्यत पित्त और कफ दोष के असंतुलित होने के कारण त्वग्वसीय ग्रन्थि (Sebecaus gland) में रुकावट आ जाती है। जिसके कारण त्वचा में उपस्थित छोटे-छोटे रोम छिद्र बन्द हो जाते हैं और त्वचा से निकलने वाला तैल रोम छिद्र (porel) में इकट्ठा होने लगता है जिसकी वजह त्वचा में गोल आकार के छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं जिन्हें मुँहासे कहते हैं। अधिकांश मामलों में ये मुंहासे घरेलू इलाजों (pimples ka gharelu ilaj in hindi) से ठीक हो जाते हैं.
वास्तव में मुँहासे सामान्यत पित्त व कफ दोष के असंतुलन होने की वजह से होते हैं। यह असंतुलित दोष (Imbalance Dosha) शरीर में पहुँचकर हमारी पाचन क्रिया (Digestive system) कमजोर या खराब कर देते हैं जिसकी वजह से खाया हुआ खाना अच्छे से नहीं पच पाता है और पेट भी अच्छे से साफ नहीं होता है। अगर पेट अच्छे से साफ नहीं होगा तो हमारे शरीर के विषाक्त (Toxin) बाहर न निकलकर शरीर के खून को गंदा कर देते हैं। जिसकी वजह से चेहरे के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं ।
मुंहासे और पिंपल्स होने के कारण
हार्मोनल बदलाव – किशोरावस्था में हार्मोन असंतुलित के कारण त्वचा में तेल ज्यादा बनने लगता है |
गलत खानपान – ज्यादा तैलिये, और मसालेदार और जनक food खाने से पिंपल्स निकलते है |
गंदगी और पसीना – धूल मिट्टी और पसीने के कारण रोम छिद्र बंद हो जाते है |
तनाव और नींद की कमी – तनाव और नींद की कमी भी मुहासो को बढ़ती है |
कॉस्मेटिक्स का अधिक उपयोग – केमिकल वाले क्रीम और मेकअप से स्किन ख़राब हो सकती है |
मुंहासे और पिंपल्स के घरेलू नुस्खे
1. नीम के पत्ते
नीम में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
- 10–12 नीम के पत्ते पानी में उबालकर उसका पेस्ट बना लें।
- इसे चेहरे पर लगाएँ और 15 मिनट बाद धो लें।
- हफ्ते में 2–3 बार करने से पिंपल्स जल्दी सूख जाते हैं।
2. हल्दी और शहद
हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण और शहद में मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं।
- 1 चम्मच हल्दी में 1 चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बना लें।
- इसे प्रभावित जगह पर लगाएँ और 20 मिनट बाद धो दें।
- यह नुस्खा दाग-धब्बे हल्के करने में भी मदद करता है।
3. एलोवेरा जेल
एलोवेरा स्किन को ठंडक देता है और हीलिंग पावर बढ़ाता है।
- ताजे एलोवेरा का जेल निकालकर चेहरे पर लगाएँ।
- रातभर लगा रहने दें और सुबह धो लें।
- लगातार इस्तेमाल से चेहरे पर चमक आती है और पिंपल्स कम होते हैं।
4. तुलसी की पत्तियाँ
तुलसी भी एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है।
- तुलसी की 8–10 पत्तियाँ पीसकर पेस्ट बना लें।
- इसे मुंहासों पर लगाकर 15 मिनट तक रखें।
- धोने के बाद चेहरे पर ताजगी महसूस होगी।
5. दही और बेसन
यह फेस पैक चेहरे से अतिरिक्त तेल हटाता है और रोमछिद्रों को साफ करता है।
- 2 चम्मच दही और 1 चम्मच बेसन मिलाकर फेस पैक बनाएँ।
- इसे चेहरे पर लगाकर 15–20 मिनट रखें।
- सूख जाने पर हल्के हाथों से मसाज करके धो लें।
6. बर्फ का टुकड़ा
- बर्फ लगाने से सूजन और लालिमा कम होती है।
- एक कपड़े में बर्फ लपेटकर 2–3 मिनट तक प्रभावित जगह पर रखें।
- दिन में दो बार करने से तुरंत आराम मिलता है।
7. नींबू का रस
नींबू में प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण होते हैं।
- आधा नींबू निचोड़कर रस निकालें।
- कॉटन से पिंपल्स पर लगाएँ।
- 10 मिनट बाद धो दें।
- ध्यान रखें, नींबू लगाने के बाद धूप में न जाएँ।
8. ग्रीन टी
ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है।
- ग्रीन टी बैग को उबालकर ठंडा करें।
- इस पानी से चेहरे को धोएँ।
- नियमित इस्तेमाल से मुंहासे कम होते हैं।
9. चंदन का लेप
- चंदन पाउडर में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें।
- इसे पूरे चेहरे पर लगाएँ।
- सूखने पर धो लें।
- यह स्किन को ठंडक पहुँचाता है और दाग-धब्बे भी कम करता है।
10. पुदीना
- पुदीना की पत्तियों को पीसकर रस निकालें।
- इसे पिंपल्स पर लगाएँ।
- यह सूजन और जलन को कम करता है।
जीवनशैली में बदलाव
- खानपान पर ध्यान दें
- ताजे फल और हरी सब्जियाँ खाएँ।
- ज्यादा पानी पिएँ।
- तैलीय और मसालेदार भोजन से परहेज़ करें।
- चेहरे की सफाई
- दिन में 2 बार mild फेसवॉश से चेहरा धोएँ।
- गंदे हाथों से चेहरे को बार-बार छूने से बचें।
- योग और मेडिटेशन
- तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें।
- इससे हार्मोन बैलेंस होता है।
- पर्याप्त नींद
- रोजाना कम से कम 7–8 घंटे की नींद लें।
- नींद पूरी होने से त्वचा स्वस्थ रहती है।
- मेकअप से परहेज़
- ज़्यादा कैमिकल वाले प्रोडक्ट्स न इस्तेमाल करें।
- स्किन को प्राकृतिक रूप से सांस लेने दें।
घरेलू नुस्खों से मिलने वाले फायदे
- त्वचा को कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।
- लंबे समय तक असर रहता है।
- आसानी से घर पर बनाए जा सकते हैं।
- स्किन को प्राकृतिक चमक और हेल्दी ग्लो मिलता है।
सावधानियाँ
- किसी भी नुस्खे को लगाने से पहले पैच टेस्ट ज़रूर करें।
- अगर पिंपल्स बहुत ज्यादा बढ़ गए हों तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
- नींबू या हल्दी का ज्यादा इस्तेमाल न करें, वरना जलन हो सकती है।
निष्कर्ष
मुंहासे और पिंपल्स आम समस्या है, लेकिन सही खानपान, जीवनशैली और घरेलू नुस्खों की मदद से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। नीम, हल्दी, एलोवेरा, तुलसी और ग्रीन टी जैसे उपाय प्राकृतिक और सुरक्षित हैं। अगर आप नियमित रूप से इन नुस्खों को अपनाएँ और साथ ही तनाव और नींद की कमी से बचें, तो आपकी त्वचा न सिर्फ साफ बल्कि हेल्दी और ग्लोइंग भी बनेगी।
FAQs
प्रश्न 1: क्या सिर्फ घरेलू नुस्खों से पिंपल्स पूरी तरह ठीक हो सकते हैं?
उत्तर: अगर समस्या हल्की है तो हाँ, लेकिन गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
प्रश्न 2: नींबू का रस हर किसी को सूट करता है?
उत्तर: नहीं, sensitive स्किन वालों को सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रश्न 3: पिंपल्स के निशान कितने समय में जाते हैं?
उत्तर: नियमित घरेलू नुस्खों से 2–3 हफ्ते में सुधार दिखने लगता है।
प्रश्न 4: क्या डाइट बदलने से फर्क पड़ता है?
उत्तर: हाँ, हेल्दी डाइट और पर्याप्त पानी पीने से त्वचा में फर्क पड़ता है।
