नींद न आने की समस्या का घरेलू इलाज

नींद न आने की समस्या का घरेलू इलाज: आज की तेज़ रफ़्तार जिंदगी में “sleep न आने की समस्या” यानी अनिद्रा (Insomnia) बहुत सामान्य हो गई है। पहले यह समस्या केवल बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब यह युवाओं और यहां तक कि बच्चों में भी देखने को मिल रही है। लगातार sleep की कमी न केवल थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ाती है, बल्कि यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है।

नींद न आने की समस्या का घरेलू इलाज
sleep न आने की समस्या का घरेलू इलाज

इसलिए, इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि sleep न आने के कारण क्या हैं और कौन-कौन से घरेलू उपाय इस समस्या को कम करने में सहायक हो सकते हैं। साथ ही हम यह भी देखेंगे कि जीवनशैली में बदलाव कैसे प्रभाव डाल सकता है।

नींद क्या होती है? (What is Sleep?)

आयुर्वेद में व्यक्ति का स्वास्थ्य वात, पित्त और कफ के संतुलन पर निर्भर करता है अत: इन दोषों में आए असंतुलन के कारण ही कोई भी समस्या उत्पन्न होती है। अनिद्रा में मुख्यत: वात दोष का असंतुलन देखा जाता है। वात दोष के कारण सोने की कोशिश करने पर भी व्यक्ति सोने में असमर्थ होता है तथा व्यक्ति का मन लगातार अतीत की घटनाओं के बारे में सोचता और विचार करता रहता है तथा कई तरह की चिंताएं उसके मन में चलती रहती हैं। उसका मन बेचैन एवं अस्थिर रहता है, यह सब वात दोष की असामान्य वृद्धि के कारण होता है। इसके अलावा यदि व्यक्ति में कफ दोष बढ़ जाता है तो वह बहुत देर तक सोने के बाद भी खुद को आलसी और थका हुआ महसूस करता है।

कम नींद होने के दुष्प्रभाव (Side Effects of Sleep)

अच्छी नींद होने जैसे शरीर को अनेक फायदों का लाभ मिलता है उसी तरह कम नींद अनेक नुकसानों को भी सामना करना पड़ता है।

  1. -पर्याप्त नींद न लेने से व्यक्ति तनाव एवं मानसिक रोगों का शिकार हो सकता है।
  2. -नींद पूरी न होने से शरीर और दिमाग को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता जिसके कारण बदन दर्द, अकड़न और थकावट जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।
  3. -पाचन तंत्र पर नींद का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। पूरी नींद न लेने पर कब्ज की समस्या हो जाती है।
  4. -पूरी नींद न लेने पर व्यक्ति किसी भी कार्य में एकाग्रचित्त नहीं हो पाता और उसकी स्मरणशक्ति कमजोर हो जाती है।
  5. -नींद की कमी के कारण व्यक्ति में चिड़चिड़ापन एवं अवसाद जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। व्यक्ति को छोटी-छोटी बातों पर भी अधिक क्रोध आने लगता है।
  6. -पर्याप्त नींद के अभाव में व्यक्ति को बिना कोई काम किए ही थकान बनी रहती है और सिर हमेशा भारी रहता है।

sleep न आने के प्रमुख कारण

सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि नींद क्यों नहीं आती।

  • तनाव और चिंता – जब मस्तिष्क लगातार सक्रिय रहता है तो sleep में खलल पड़ता है।
  • गलत दिनचर्या – देर रात तक मोबाइल या टीवी देखना शरीर की जैविक घड़ी को प्रभावित करता है।
  • कैफीन और चाय/कॉफी का अधिक सेवन – इससे मस्तिष्क उत्तेजित रहता है।
  • हार्मोनल परिवर्तन – विशेष रूप से महिलाओं में यह समस्या अधिक होती है।
  • डिप्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं – sleep की गुणवत्ता पर असर डालती हैं।
  • शारीरिक बीमारियां – जैसे थायरॉयड, डायबिटीज़ या ब्लड प्रेशर।

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sleep न आने की समस्या का घरेलू इलाज

अब बात करते हैं उन घरेलू नुस्खों की, जो अनिद्रा को कम करने में कारगर हैं।

1. गर्म दूध का सेवन

गर्म दूध में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो sleep लाने में मदद करता है। इसलिए रात को सोने से पहले हल्दी या शहद मिलाकर दूध पीना फायदेमंद है।

2. कैमोमाइल टी

कैमोमाइल एक प्राकृतिक हर्ब है, जिसमें sleep लाने वाले तत्व होते हैं। इसलिए सोने से आधा घंटा पहले कैमोमाइल चाय पीने से नींद जल्दी आती है।

3. लैवेंडर ऑयल अरोमाथेरेपी

लैवेंडर ऑयल का उपयोग डिफ्यूज़र में करने से तनाव कम होता है। नतीजतन, नींद गहरी आती है।

4. अनुलोम-विलोम और प्राणायाम

योग और प्राणायाम दिमाग को शांत करते हैं। खासकर अनुलोम-विलोम और गहरी सांस लेने की तकनीकें sleep लाने में बहुत मददगार होती हैं।

5. गुनगुने पानी से स्नान

सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाने पर शरीर रिलैक्स होता है। इसके अलावा, यह मांसपेशियों की जकड़न भी कम करता है.

6. जायफल पाउडर

जायफल में प्राकृतिक नींद लाने वाले तत्व होते हैं। इसलिए रात को दूध में आधा चम्मच जायफल पाउडर मिलाकर लेने से sleepअच्छी आती है।

7. मोबाइल और स्क्रीन से दूरी

सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का इस्तेमाल न करें। क्योंकि ब्लू लाइट दिमाग को सक्रिय रखती है और sleep रोकती है।

8. डार्क और शांत कमरा

sleep के लिए वातावरण भी बहुत मायने रखता है। हल्का अंधेरा और शांत जगह नींद लाने में सहायक होती है।

sleep सुधारने के लिए जीवनशैली में बदलाव

सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना काफी नहीं है। इसलिए जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव भी जरूरी हैं।

  • हर दिन एक निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं।
  • दिन में अधिक sleep लेने से बचें।
  • रात का भोजन हल्का और आसानी से पचने वाला रखें।
  • नियमित व्यायाम करें, लेकिन रात को सोने से पहले भारी व्यायाम न करें।
  • ध्यान (Meditation) को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

हालांकि अधिकतर मामलों में घरेलू उपाय असरदार होते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।

  • sleep की समस्या लगातार 2 हफ्तों से ज्यादा समय तक बनी रहती है।
  • यदि थकान और चिड़चिड़ापन dealy के कामों पर असर डालने लगे।
  • यदि अनिद्रा के साथ चिंता, अवसाद या अन्य मानसिक समस्याएं भी मौजूद हों।

FAQ –sleep न आने की समस्या से जुड़े सवाल

Q1. क्या दूध पीने से सच में sleep आती है?
हाँ, दूध में ट्रिप्टोफैन और कैल्शियम होता है, जो sleep को प्राकृतिक रूप से बढ़ाता है।

Q2. क्या योग करने से अनिद्रा दूर हो सकती है?
हाँ, योग और प्राणायाम तनाव कम करके sleep लाने में मददगार हैं।

Q3. क्या sleep न आने की समस्या केवल मानसिक कारणों से होती है?
नहीं, यह शारीरिक बीमारियों, हार्मोनल बदलाव और खराब जीवनशैली की वजह से भी हो सकती है।

Q4. क्या दवाइयों के बिना अनिद्रा ठीक हो सकती है?
जी हाँ, सही खानपान, दिनचर्या और घरेलू नुस्खों से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

Q5. क्या हर्बल चाय सभी लोगों के लिए सुरक्षित है?
अधिकतर मामलों में हाँ, लेकिन एलर्जी या किसी गंभीर बीमारी में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

sleep न आना आजकल की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन गया है। हालांकि, घरेलू नुस्खे जैसे दूध, कैमोमाइल टी, जायफल और योग-प्राणायाम से नींद की गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है। इसके अलावा, जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। लेकिन अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी है।

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