पायरिया का घरेलू इलाज – आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपाय

पायरिया का घरेलू इलाज – आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपाय: pyorrhea एक सामान्य लेकिन गंभीर दंत समस्या है, जो मसूड़ों में संक्रमण, सूजन और खून आने के रूप में प्रकट होती है। यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया गया, तो दाँत कमजोर होकर गिर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि आयुर्वेद और घरेलू उपायों से pyorrhea का इलाज पूरी तरह संभव है। इस लेख में हम आपको pyorrhea के कारण, लक्षण और 7 प्रभावी घरेलू नुस्खे बताएँगे, जो इस समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद करते हैं।

पायरिया का घरेलू इलाज – आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपाय
pyorrhea का घरेलू इलाज – आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपाय

पायरिया क्या है?

pyorrhea मसूड़ों का एक संक्रमण है जिसमें बैक्टीरिया दाँतों और मसूड़ों के बीच जमा होकर सूजन और मवाद उत्पन्न करते हैं। इसके कारण मुँह से बदबू आती है, मसूड़ों से खून निकलता है और धीरे-धीरे दाँत ढीले होने लगते हैं।

pyorrhea के प्रमुख कारण

  1. मुँह की सफाई में लापरवाही – दिन में दो बार ब्रश न करना और फ्लॉस न करना।
  2. खराब खान-पान – अत्यधिक मीठे या जंक फूड का सेवन।
  3. विटामिन-C की कमी – यह मसूड़ों को कमजोर कर देता है।
  4. धूम्रपान और तंबाकू – ये बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं।
  5. शुगर और डायबिटीज़ – जिन लोगों को यह बीमारी होती है, उन्हें  pyorrhea होने की संभावना अधिक रहती है।

pyorrhea के लक्षण

  • मसूड़ों से खून आना
  • दाँतों को ब्रश करते समय दर्द या सूजन होना
  • मुँह से दुर्गंध आना (Bad Breath)
  • दाँत हिलना या ढीले होना
  • दाँतों के बीच पीला या सफेद मवाद जमा होना

pyorrhea के 7 असरदार घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

1. नमक और सरसों के तेल से मसूड़ों की मालिश

यह सबसे पुराना और प्रभावी नुस्खा है। नमक में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जबकि सरसों का तेल मसूड़ों को मजबूत बनाता है।

कैसे करें:

  • आधा चम्मच नमक में कुछ बूंदें सरसों का तेल मिलाएँ।
  • उंगलियों से हल्के हाथों से मसूड़ों पर 2–3 मिनट तक मालिश करें।
  • फिर गुनगुने पानी से कुल्ला करें।

फायदा: सूजन और खून आना धीरे-धीरे बंद हो जाता है।

2. नीम की दातुन या नीम का माउथवॉश

नीम प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है जो पायरिया पैदा करने वाले जीवाणुओं को खत्म करता है।

कैसे करें:

  • रोज सुबह नीम की दातुन से दाँत साफ करें।
  • या फिर नीम की पत्तियाँ उबालकर उससे कुल्ला करें।

फायदा: मसूड़ों की सूजन और बदबू दूर होती है।

3. हल्दी और सरसों के तेल का पेस्ट

हल्दी में कर्क्यूमिन (Curcumin) होता है जो सूजन कम करता है और बैक्टीरिया को खत्म करता है।

कैसे करें:

  • एक चम्मच हल्दी पाउडर में कुछ बूंदें सरसों के तेल की मिलाएँ।
  • इस पेस्ट से मसूड़ों पर हल्के हाथ से 2 मिनट तक मालिश करें।
  • फिर मुँह को साफ पानी से धो लें।

फायदा: मसूड़ों का दर्द, सूजन और मवाद खत्म होता है।

4. त्रिफला चूर्ण से कुल्ला

त्रिफला चूर्ण (हरड़, बहेरा, आंवला) में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो मसूड़ों के संक्रमण को ठीक करते हैं।

कैसे करें:

  • एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण डालें।
  • इससे दिन में दो बार कुल्ला करें।

फायदा: pyorrhea की जड़ में मौजूद बैक्टीरिया खत्म होते हैं।

5. लौंग का तेल (Clove Oil)

लौंग का तेल एक प्राकृतिक दर्दनाशक और एंटीसेप्टिक एजेंट है। यह दाँतों और मसूड़ों के संक्रमण में बहुत असरदार है।

कैसे करें:

  • रुई के फाहे पर लौंग का तेल लगाएँ और प्रभावित जगह पर रखें।
  • दिन में दो बार ऐसा करें।

फायदा: दर्द और सूजन से तुरंत राहत मिलती है।

6. गुनगुने नमक पानी से कुल्ला

यह सरल लेकिन अत्यधिक प्रभावी घरेलू उपाय है। नमक पानी बैक्टीरिया को खत्म कर मुँह को साफ रखता है।

कैसे करें:

  • एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएँ।
  • इससे दिन में 2–3 बार कुल्ला करें।

फायदा: मवाद सूखता है और मसूड़े मजबूत होते हैं।

7. तुलसी और पुदीना का उपयोग

तुलसी और पुदीना दोनों ही एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हैं।

कैसे करें:

  • तुलसी की कुछ पत्तियाँ और पुदीना उबालकर ठंडा करें।
  • इससे कुल्ला करें या दिन में 2–3 बार पिएँ।

फायदा: मुँह की बदबू, बैक्टीरिया और सूजन तीनों से राहत मिलती है।

pyorrhea से बचाव के लिए जरूरी आदतें

  • दिन में दो बार दांतों को ब्रश करें।
  • हर खाने के बाद मुँह को अच्छी तरह से धोएं।
  • मीठे और चिपचिपे खाने से बचें।
  • धूम्रपान और तंबाकू का सेवन न करें।
  • एक संतुलित आहार लें जिसमें विटामिन-C और कैल्शियम शामिल हों।

आयुर्वेदिक उपचार

आयुर्वेद में pyorrhea को “दन्तमूलगत रोग” कहा जाता है। इसका मुख्य कारण शरीर में विषाक्तता (toxins) का जमा होना और खराब पाचन है। आयुर्वेद में pyorrhea के लिए कुछ औषधियाँ सुझाई गई हैं:

  • त्रिफला गुग्गुल – यह मसूड़ों के संक्रमण को ठीक करता है।
  • गंधक रसायण – यह बैक्टीरिया को समाप्त करने में सहायक है।
  • कंचनार गुग्गुल – यह मवाद और सूजन को कम करता है।

इन दवाओं का सेवन किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर ही करें।

pyorrhea में क्या खाएँ और क्या न खाएँ

खाएँ:

  • नींबू, संतरा, आंवला (विटामिन C के स्रोत)
  • हरी सब्जियाँ, दूध, दही
  • नारियल पानी और ग्रीन टी

न खाएँ:

  • ज्यादा मीठी चीज़ें
  • तंबाकू, सिगरेट
  • जंक फूड और सोडा ड्रिंक्स

निष्कर्ष

pyorrhea कोई मामूली दंत समस्या नहीं है। अगर इसे समय पर न रोका जाए तो यह दाँतों के गिरने तक का कारण बन सकती है। हालांकि, नियमित मुँह की सफाई, स्वस्थ आहार, और ऊपर बताए गए घरेलू व आयुर्वेदिक उपायों से आप इसे पूरी तरह ठीक कर सकते हैं। अंत में, याद रखें — रोजाना दो बार ब्रश करें, सही तरीके से कुल्ला करें, और मुँह की स्वच्छता बनाए रखें, तभी आपकी मुस्कान हमेशा चमकती रहेगी।

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