gums से खून आने के कारण और घरेलू इलाज
मसूड़ों से खून आने के कारण और घरेलू इलाज: gums से खून आना एक आम लेकिन अनदेखी की जाने वाली दंत समस्या है। यह केवल दांतों की सफाई से जुड़ी नहीं होती बल्कि कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। यदि हर बार ब्रश करते समय gums से खून आता है, तो इसे हल्के में लेना आपकी गलती हो सकती है। आइए जानते हैं इसके कारण, लक्षण, और असरदार घरेलू इलाज के बारे में।

मसूड़ों से खून आने के मुख्य कारण
- गलत ब्रश करने की आदतें: बहुत सख्त ब्रश या ज़ोर से ब्रश करने से मसूड़े घायल हो जाते हैं।
- प्लाक और टार्टर का जमाव: जब प्लाक सही से साफ नहीं होता, तो वह टार्टर में बदल जाता है जिससे gums में सूजन और खून आने लगता है।
- विटामिन C और K की कमी: इन विटामिन्स की कमी से gums कमजोर हो जाते हैं।
- हार्मोनल बदलाव: खासकर महिलाओं में गर्भावस्था या पीरियड्स के दौरान gums में संवेदनशीलता बढ़ जाती है।
- धूम्रपान और तंबाकू सेवन: ये आदतें gums की सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं।
- डायबिटीज या ब्लड डिसऑर्डर: कुछ बीमारियों में ब्लड क्लॉटिंग की क्षमता घट जाती है, जिससे खून निकलता है।
- गलत फिटिंग वाले डेंचर या ब्रेसेस: ये gums को रगड़ते हैं और चोट पहुंचाते हैं।
gums से खून आने के लक्षण
- ब्रश या फ्लॉस करते समय खून आना
- gums में सूजन और लालिमा
- मुंह से बदबू आना
- दांतों में हलचल या ढीलापन महसूस होना
- ठंडा-गरम खाने पर दर्द होना
gums से खून आने के घरेलू इलाज
1. नमक के पानी से कुल्ला
गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर दिन में दो बार कुल्ला करें। यह सूजन और बैक्टीरिया दोनों को कम करता है।
2. एलोवेरा जेल
एलोवेरा gums को ठंडक देता है और इंफेक्शन को रोकता है। प्रभावित जगह पर ताजा एलोवेरा जेल लगाकर 5 मिनट बाद धो लें।
3. लौंग का तेल
लौंग में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। एक कॉटन बॉल में लौंग का तेल लगाकर मसूड़ों पर हल्के से रगड़ें। यह दर्द और खून दोनों को कम करता है।
4. हल्दी पेस्ट
हल्दी में करक्यूमिन होता है जो एंटीबैक्टीरियल होता है। हल्दी पाउडर में थोड़ा पानी या नारियल तेल मिलाकर पेस्ट बनाएं और मसूड़ों पर लगाएं।
5. नीम के पत्ते
नीम का उपयोग प्राकृतिक एंटीसेप्टिक के रूप में करें। नीम के पत्ते उबालकर उस पानी से कुल्ला करें।
6. नारियल तेल से ऑयल पुलिंग
सुबह खाली पेट एक चम्मच नारियल तेल से 10 मिनट तक कुल्ला करें और फिर थूक दें। इससे बैक्टीरिया हटते हैं और gums मजबूत होते हैं।
7. ग्रीन टी
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मसूड़ों की सूजन को कम करते हैं। रोज़ाना एक या दो कप ग्रीन टी पीना फायदेमंद है।
8. अमरूद के पत्ते
अमरूद के पत्ते चबाने या उबालकर कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन और खून निकलना दोनों में आराम मिलता है।
9. विटामिन C युक्त आहार
संतरा, आंवला, नींबू, टमाटर जैसे फलों का सेवन करें। ये gums को मजबूत बनाते हैं।
10. हाइड्रेशन बनाए रखें
शरीर में पानी की कमी से मुंह सूखने लगता है और बैक्टीरिया पनपते हैं। इसलिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
gums से खून आने से बचाव के उपाय
- मुलायम ब्रश का इस्तेमाल करें।
- दिन में दो बार ब्रश करें और रोज फ्लॉसिंग करें।
- बहुत ज़्यादा मीठे या चिपकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
- नियमित रूप से डेंटिस्ट से चेकअप करवाएं।
- धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें।
डॉक्टर से कब मिलें
यदि खून लगातार आ रहा है, gums सूजे हुए हैं, या दांत ढीले लग रहे हैं, तो तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करें। यह किसी गंभीर संक्रमण या पीरियोडॉन्टल डिजीज का संकेत हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. gumsसे खून आने का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण है प्लाक और टार्टर का जमाव, गलत ब्रश करने की आदतें, और विटामिन C की कमी।
2.gums से खून आने पर कौन-सा टूथपेस्ट अच्छा होता है?
एलोवेरा या हर्बल बेस्ड टूथपेस्ट जैसे कि डाबर रेड, हिमालय कंप्लीट केयर आदि उपयोगी हो सकते हैं।
3. क्या नमक के पानी से कुल्ला करना फायदेमंद है?
हाँ, यह सूजन कम करता है और gums को संक्रमण से बचाता है।
4. क्या डायबिटीज वाले मरीजों में मसूड़ों से खून आना आम है?
हाँ, शुगर लेवल बढ़ने से gums में इंफेक्शन और ब्लीडिंग की संभावना बढ़ जाती है।
5. gums को मजबूत कैसे बनाएं?
स्वच्छता बनाए रखें, पौष्टिक आहार लें, और विटामिन C से भरपूर फल खाएं।
6. क्या घरेलू उपायों से gums की समस्या पूरी तरह ठीक हो सकती है?
शुरुआती अवस्था में घरेलू उपाय काफी असरदार होते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में डेंटिस्ट की सलाह ज़रूरी है।
निष्कर्ष
gums से खून आना मामूली समस्या नहीं है। यह आपके दांतों की सेहत का पहला चेतावनी संकेत हो सकता है। यदि आप नियमित रूप से अपने मुंह की सफाई करते हैं और ऊपर बताए गए घरेलू उपाय अपनाते हैं, तो कुछ ही दिनों में फर्क महसूस करेंगे। लेकिन यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो बिना देरी के डॉक्टर से सलाह लें।
